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Bawaseer ka ilaaj - बवासीर का आयुर्वेदिक इलाज : piles treatment at home - India Ka Best

बुधवार, 26 दिसंबर 2018

Bawaseer ka ilaaj in hindi/ बवासीर का घरेलू इलाज - piles treatment at home in hindi


बवासीर जिसे piles के नाम से भी जाना जाता है।  ये एक गुप्त रोग है जिसके बारे खुल के बात करने से हर कोई कतराता है यही कारण है कि कई बार ये बीमारी बढ़ जाती है और बोहोत तकलीफ देती है लेकिन वक़्त रहते इस बीमारी को कुछ आसान घरेलू नुस्खों से ठीक कीया जा सकता है। ये बीमारी आज के दौर में बोहोत नार्मल सी हो गयी है गलत lifestyle और गलत खाने पीने की आदतों के वजह से।  यह बीमारी किसी भी उम्र में किसी को भी हो सकती है लेकिन ये बीमारी ज्यादातर 50 या उससे ज्यादा उम्र के लोगो मे देखी जाती है। इस बीमारी के वैसे तो बोहोत से कारण है लेकिन इसका मुख्य कारण कब्ज को माना जाता है, ये बीमारी ज्यादातर पेट की समस्याओं के वजह से ही शुरू होती हैं और पेट की समस्याओं के वजह से ही बार बार होती है लेकिन जरूरी नही है कि पेट की वजह से ही यह बीमारी होती है इसके बोहोत से कारन है जिनके बारे में मै आपको आगे पूरी detail में बताने वाला हु लेकिन उससे पहले जान लेते है बवासीर के लक्षण।


बवासीर का इलाज - piles treatment in hindi


बवासीर के लक्षण - symptoms of piles


अगर इस बीमारी के लक्षण को सही से पहचान लिया जाए तो इस बीमारी के आने से पहले ही इससे बचा जा सकता है।

  • गुदा के आस पास खुजली
  • शौच के बाद खून आना
  • गुदा के चारो और दर्द और चिड़चिड़ापन 
  • माल त्यागते समय दर्द होना


बवासीर के कारन - causes of piles


बवासीर के कई सारे कारन है जिनसे परहेज करके बवासीर से बचा जा सकता है।


  • ज्यादा तेल व मसालेदार वाली चीज़ों का सेवन करना
  • व्यायाम न करना
  • लंबे समय तक तनाव में रहना
  • लंबे समय से कब्ज
  • शौच करते समय ज्यादा जोर लगाना
  • मोटापा
  • डायरिया

  • अधिक उम्र की वजह से भी हो सकता है
  • लंबे समय तक बैठे रहना
  • आपके परिवार में ये बीमारी पहले किसी को हो चुकी हो
  • लंबे समय तक खड़े रहना
  • लंबे समय तक तनाव में रहना
  • गर्भावस्ता


बवासीर के प्रकार - Types of piles


बवासीर दो प्रकार के होते है खूनी और बादी  जिन्हें महेशी या मास्सा के नाम से भी जाना जाता  है।

खूनी बवासीर


खूनी बवासीर इसमे किसी प्रकार की तकलीफ नही होती है बस इसमे मलत्यागते समय बोहोत सारा खून आता है इसमे दर्द तो नही होता बस खून आता है। खूनी बवासीर में अंदर की तरफ मस्सा होता है जो कि बाद में बाहर की तरफ आने लगता है, पुराना होने के बाद ये मास्सा हाथ से दबाने पर ही अंदर जाता है और इसके आखरी स्टेज में ये हाथ से दबाने के बाद भी अंदर नही जाता है।

बादी बवासीर


बादी बवासीर रहने पर पेट हमेशा खराब ही रहता है कब्ज और गैस हमेशा बनी ही रहती है, बादी बवासीर होने पर जलन, खुजली, शरीर मे बेचैनी और काम मे मन भी नही लगता है। बादी बवासीर में में खून के साथ-साथ दर्द भी बोहोत होता है, इसमे मस्सा अंदर होता है जिसकी वजह है मल त्याग का रास्ता छोटा पड़ता है और चुनन फट जाती है और वह घाव हो जाता है जिससे असहनीय दर्द होता है।


बवासीर का इलाज - Treatment of piles


1.  एक पके हुये केले को बीच से काट ले और उसमें एक चने के बराबर कपूर ( खान वाला देसी कपूर ) डाल के सुबह-सुबह खाली पेट खाने से 1 हफ्ते के अंदर बवासीर की समस्या ठीक हो जाती है।

2. छाछ बवासीर के इलाज में बोहोत ही फायदेमंद होता है। 2 से 3 लीटर छाछ में 50 ग्राम पिसा हुआ जीरा मिक्स कर ले और पानी की जगह आप दिन भर इसे ही पिये 3 से 4 दिनों के अंदर आपको इसका फायदा नजर आ जायेगा।

3. आक के पत्तो का दूध का पेस्ट बनाएं और इसे मस्सो पर लगाये कुछ ही दिनों में मस्से सुख कर गिरने लगेंगे।

4. गाय का घी और शहद को बराबर मात्रा में मिला ले और दिन में 3 - 4 बार इसे मस्सो पर लगाये। कुछ ही हफ़्तों में बवासीर के मस्से सुख कर गिरने लगेंगे।

5. सबुह सुबह खाली पेट एक ग्लास गाय के दूध में नींबू मिलाकर कर पिये, ध्यान रहे दूध में नींबू मिलते ही दूध को पी लेना है तभी ये असर करेगा, इस उपाय से एक हफ्ते में बवासीर ठीक हो जाएगा।

6. बवासीर होने पर 15 ग्राम प्याज के रस को 15 ग्राम चीनी में मिलाकर इसका सुबह शाम सेवन करे इससे बवासीर में बोहोत राहत मिलेगी।

7. 50 ग्राम बड़ी इलायची को तवे पर भूनते हुवे जला लीजिये। ठनदी होने के बाद इलाइची को पीस र चूर्ण बना ले। इस चूर्ण को शुबह शाम नियमित रूप से लेने से बवासीर की बीमारी ठीक होने लगती है।

8. चुकुन्दर ये सेहत के लिए तो अच्छा होता ही है साथ मे ये बवासीर के उपाय में भी ये बोहोत साथ देता है। रोजाना चुकजन्दर का सेवन करने से बवासीर धीरे धीरे ठीक होने लगता है।

Extra tips 

ऊपर दिए गए घरेलू और आयुर्वेदिक तरीको के उपयोग से आप बवासीर का इलाज खुद ही कर सेेकते है, लेकिन इन उपायों के साथ साथ आपको कुछ बातों का भी ख्याल रखना पड़ेगा जैसे बवासीर होने पर क्या खाना है और क्या नही। 

1. fiber युक्त आहार का सेवन करे इससे पाचन क्रिया सही होगी और मल सख्त नही होगा। सबूत अनाज, हरि सब्जियां और ताजे फल fiber युक्त आहार में आते है।

2. जितना हो सके तरल युक्त आहार का सेवन करे।

3. आलू , बैंगन, उडद की दाल, मास मच्छी और खट्टी चीज़ों से दूर ही रहे।

4. कुछ दिनों के लिए चाय और कॉफी को भी अलविदा कह दे।


5. बवासीर ठीक होने तक smoking और drinking भी छोड़ दे।

6. ज्यादा मिर्च मसाले वाले भोजन से परहेज करें।

7. Toilet में ज्यादा ज़ोर लगाने से बचे।


बवासीर के इलाज  के लिए आपको इन सभी बातों का भी ख्याल रखना होगा तभी आपका बवासीर जल्दी और जड़ से खत्म हो पायेगा। ऐसी ही Useful जानकारी पाते रहने के लिए हमे subscribe करे और इस article को अपने दोस्तो और रिश्तेदारों केसाथ Share करे।

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Shehzad Ansari

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